भारत गाँवों का देश है. प्राचीन कालीन से कृषि और सम्बद्ध कार्य कलाप हमारी ग्रामीण जनता की जीविका का मुख्य स्रोत रहे हैं. यह क्षेत्र जनसंख्या के लगभग 60% लोगों के रोजगार और जीविका के स्रोत उपलब्ध कराता है. उद्योग के साथ इसके संबंध बढ़ रहे हैं जिनमें उपभोक्ताओं द्वारा संसाधित खाद्य पदार्थों के लिए मांग के बदलते स्वरूप के कारण खाद्य और कृषि संसाधन उद्योग पर अधिक महत्व दिया जा रहा है. इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए कॉरपोरेट भारत ने कृषि में नये अवसर तलाशने शुरू कर दिये हैं.
आईडीबीआई बैंक लगातार कृषि क्षेत्र को ऋण देने पर जोर देता रहा है. ग्रामीण जनता के सामाजिक-आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए आईडीबीआई बैंक की कई कृषि योजनाएं हैं जैसे फसल प्राप्तियों पर ऋण, गोदाम रसीद, संविदा कृषि आदि.