Home   वैयक्तिक बैंकिंग कॉरपोरेट बैंकिंग एमएसएमई बैंकिंग कृषि बैंकिंग एनआरआई बैंकिंग ग्राहक सेवा
होम    हमारे बारे में     निवेशक     आईडीबीआई समूह     सीएसआर     कैरियर     हमसे संपर्क करें     खोज     English
अक्सर पूछे जानेवाले प्रश्न
आवास ऋण एफएक्यू
वैयक्तिक ऋण एफएक्यू
सुपर बचत खाते एफएक्यू
वर्ल्ड /ग्लोबल करेंसी कार्ड एफएक्यू
फिक्स्ड डिपॉज़िट एफएक्यू
संपत्ति पर ऋण एफएक्यू
गोल्ड डेबिट कार्ड एफएक्यू
इंटरनेशनल डेबिट-कम-एटीएम कार्ड एफएक्यू
कैश कार्ड एफएक्यू
किड्स कार्ड एफएक्यू
गिफ्ट कार्ड एफएक्यू
प्लेटिनम कार्ड एफएक्यू
फोन बैंकिंग एफएक्यू
कॉरपोरेट पेरोल खाता एफएक्यू वाले प्रश्न
मनी ट्रांसफर एफएक्यू
पोर्टफोलियो निवेश योजना एफएक्यू
एएसबीए आईपीओ भुगतान विकल्प एफएक्यू एटीएम उपयोग संबंधी एफएक्यू
एटीएम उपयोग संबंधी एफएक्यू
पेमेट पर एफएक्यू
bullet देशी ब्याज दरें
bullet एनआरआई ब्याज दर
bullet सेवा प्रभार
bullet कॉरपोरेट सेवा प्रभार
 
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न > पोर्टफोलियो निवेश योजना

पोर्टफोलियो निवेश योजना (पीआईएस) – आईडीबीआई बैंक पोर्टफोलियो निवेश योजना

1. पोर्टफोलियो निवेश योजना क्या है ?
  पोर्टफोलियो निवेश योजना (पीआईएस) विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 2000 की अनुसूची 3 में परिभाषित की गई है. इस योजना के अनुसार अनिवासी भारतीय मान्य स्टॉक एक्सचेंज से भारतीय कंपनियों के शेयर और परिवर्तनीय डिबेंचर खरीद/बेच सकते हैं,
वे ऐसी खरीद/बिक्री के सारे लेनदेन आईडीबीआई बैंक की नामित शाखा के अपने खाते के जरिए कर सकते हैं. (29/11/2001 से रिज़र्व बैंक ने ओसीबी को नयी खरीद करने से प्रतिबंधित कर दिया है. तथापि वे अपनी वर्तमान धारिता बनाएं रख सकते हैं या उसे बेच सकते हैं) .
 
2. नामित शाखा क्या है ?
  रिज़र्व बैंक ने पोर्टफोलियो निवेश योजना के अंतर्गत अनिवासी भारतीयों की तरफ से कारोबार करने के लिए प्रत्येक प्राधिकृत डीलर की कुछ शाखाओं को प्राधिकृत किया है. उन्हें ऐसी नामित प्राधिकृत डीलर शाखाओं, जिन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक से प्राधिकरण प्राप्त है, में से किसी भी शाखा के जरिए ही अपने आवेदन देने होंगे.
 
3. क्या पीआईएस के अंतर्गत किये गए निवेश प्रत्यावर्तित किये जा सकते हैं ?
  बिक्री आय के प्रत्यावर्तन की अनुमति तभी दी जा सकती है यदि मूल खरीद प्रत्यावर्तन आधार पर की गई हो और निवेश का स्रोत एनआरई/एफसीएनआर खाता या विदेश से प्रेषण रहा हो. यदि मूल खरीद एनआरओ खाते से की गई हो तब बिक्री आय को प्रत्यावर्तित नहीं की जा सकेगी.
 
4. क्या कोई निवेशक पोर्टफोलियो निवेश योजना के अंतर्गत प्रत्यावर्तन के साथ-साथ गैर प्रत्यावर्तन आधार पर निवेश कर सकता है ?
  हां. निवेश प्रत्यावर्तन और गैर प्रत्यावर्तन दोनों आधार पर किये जा सकते हैं, तथापि निवेशक को नामित बैंक के पास एनआरई और एनआरओ खाता खोलना होगा. गैर प्रत्यावर्तनीय निवेश की बिक्री आय केवल एनआरओ खाते में ही जमा की जा सकती है.
 
5. क्या अनिवासी भारतीय जिनका खाता है उन्हें एक और एनआरई/एनआरओ खाता खोलने की आवश्यकता होगी ? क्या यह संयुक्त खाता हो सकता है ?
  हाल के रिज़र्व बैंक दिशानिर्देशों के अनुसार अनिवासी भारतीय को पोर्टफोलियो निवेश योजना के लिए अलग से एक खाता खोलना होगा. उनके वैयक्तिक बैंकिंग से जुड़े लेनदेन और पीआईएस के अलावा आईपीओ सहित अन्य तरीके से अर्जित शेयरों से संबंधित लेनदेन एक अलग बैंक खाते के जरिए हो करने होंगे जो पोर्टफोलियो निवेश योजना से न जुड़े हो. खाता ‘संयुक्त’ प्रकार का हो सकता है.
 
6. क्या नामित बैंक से पीआईएस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए कोई औपचारिक अनुमति लेने की आवश्यकता है ?
  हाँ. नामित बैंक निर्धारित फॉर्म प्राप्त होने पर अनुमोदन पत्र जारी करेगी.
 
7. पोर्टफोलियो निवेश योजना के लिए आवेदन करने हेतु क्या प्रक्रिया है ?
  भारत में प्राधिकृत डीलर की नामित शाखा को निर्धारित फॉर्म में आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा. इसके लिए रिज़र्व बैंक से अनुमति की जरूरत नहीं है. प्राधिकृत डीलर पांच वर्ष को अवधि के लिए सामान्य अनुमति जारी करता है जो नामित बैंक एक बार में पांच वर्ष की अवधि के लिए आगे नवीकृत कर सकता है.
 
8. अनिवासी भारतीय कितनी नामित बैंकों में आवेदन कर सकता है ?
  अनिवासी भारतीय पोर्टफोलियो निवेश योजना के अंतर्गत लेनदेन करने के प्रयोजन हेतु केवल एक बैंक की नामित शाखा में आवेदन कर सकता है.
 
9. क्या अनिवासी भारतीय प्राधिकृत डीलर की एक से अधिक नामित शाखा के जरिए आवेदन कर सकता है ?
 

नहीं, अनिवासी भारतीय पोर्टफोलियो निवेश योजना के अन्तर्गत निवेश के प्रयोजन के लिए केवल एक प्राधिकृत डीलर शाखा का चयन कर सकता है.

 
10. क्या एनआरआई सार्वजनिक निर्गम में अभिदान द्वारा प्रतिभूतियां खरीद सकता है ? इसके लिए किस तरह को अनुमति/अनुमोदन की आवश्यकता होगी?
  हाँ, जारीकर्ता कंपनी भारत सरकार/रिज़र्व बैंक की विशिष्ट सामान्य अनुमति के आधार पर एनआरआई को शेयर जारी कर सकती है. अतः एनआरआई को खुद अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.
 
11. यदि किसी अनिवासी भारतीय का प्रत्यावर्तित और गैर प्रत्यावर्तित दोनों आधार पर प्राथमिक बाजार में आईपीओ के अंतर्गत खरीदा गया मौजूदा पोर्टफोलियो हो तो भी क्या उन्हें ऐसी धारिता की बिक्री किसी नामित बैंक के जरिए करनी होगी ?
  आईपीओ के अंतर्गत अर्जित शेयर/ परिवर्तनीय डिबेंचरों के लिए नामित बैंक की आवश्यकता नहीं हैं, क्योंकि ये पोर्टफोलियो निवेश योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं. ऐसे लेनदेन यदि नामित बैंक के जरिए किये जाते हैं तो इन्हें अलग बैंक खाते में किया जाना चाहिए जो पीआईएस से जुड़ा न हो.
 
12. क्या किसी अनिवासी भारतीय को प्रत्यावर्तित आधार पर प्राथमिक बाजार (आईपीओ) में शेयर खरीदने के लिए पीआईएस की अनुमति की आवश्यकता है ?
  नहीं, अनिवासी भारतीय प्राथमिक बाजार से प्रत्यावर्तित आधार पर शेयर खरीद सकते हैं और आवेदन राशि नियमित एनआरई बचत खाते या इन्वर्ड प्रेषण के जरिए अदा की जा सकती है.
 
13. क्या किसी अनिवासी भारतीय को गैर प्रत्यावर्तित आधार पर प्राथमिक बाजार (आईपीओ) में शेयर खरीदने के लिए पीआईएस की अनुमति की आवश्यकता है ?
  नहीं,अनिवासी भारतीय प्राथमिक बाजार से गैर प्रत्यावर्तित आधार पर शेयर खरीद सकते हैं और आवेदन राशि नियमित एनआरई/एनआरओ बचत खाते या इन्वर्ड प्रेषण के जरिए अदा की जा सकती है.
 
14. क्या अनिवासी भारतीय को प्रत्यावर्तित / गैर प्रत्यावर्तित आधार पर प्राइमरी बाजार (आईपीओ) के खरीदे गए शेयरों को बेचने के लिए पीआईएस अनुमति की आवश्यकता है ?
  नहीं.
 
15. क्या अनिवासी भारतीय को प्रत्यावर्तित / गैर प्रत्यावर्तित आधार पर मूल रूप से खरीदे गए शेयरों पर अधिमान / बोनस आधार पर आबंटित शेयरों को बेचने के लिए पीआईएस अनुमति की आवश्यकता है ?
  नहीं.
 
16. गौण बाजार में अनिवासी भारतीय द्वारा शेयरों / परिवर्तनीय डिबेंचरों को खरीद/बिक्री के लिए क्या कोई सीमा है ?
  हाँ, अनिवासी भारतीय कंपनी की चुकता पूंजी का अधिकतम पांच प्रतिशत और डिबेंचरों की प्रत्येक श्रृंखला के चुकता मूल्य का अधिकतम पांच प्रतिशत तक ही खरीद सकता है. इस अधिकतम सीमा के प्रयोजन के लिए प्रत्यावर्तनीय और गैर प्रत्यावर्तनीय निवेश जोड़े जाएंगे. उक्त के अलावा, अनिवासी भारतीय किसी विशेष कंपनी के संबंध में अनुमति होने पर ऐसी धारिता का अधिकतम 10% अथवा उससे अधिक प्रतिशत तक सामूहिक रूप से धारित कर सकते है. प्राइमरी बाजार से अर्जित शेयरों / डिबेंचरों को उक्त सीमाओं के प्रयोजन के लिए छोड़ किया गया है.
 
17. क्या शेयरों / परिवर्तनीय डिबेंचरों की खरीद/बिक्री के लिए नामित बैंक के जरिए आदेश देना अनिवार्य है ?
  आदेश नामित बैंक के जरिए देना जरूरी नहीं है. तथापि लेनदेन की रिपोर्टिंग मूल कांट्रेक्ट नोट के साथ लेनदेन के दिन ही नामित बैंक को की जानी चाहिए. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे व्यापार के निपटान में निधियों का भुगतान और प्राप्ति नामित बैंक के खाते के जरिए ही की जाए.
 
18. क्या सेकंडरी बाजार के लेनदेनों को पीआईएस नामित शाखा के ही जरिए करना अनिवार्य है ?
  हाँ, अनिवासी भारतीय के लिए सभी सेकंडरी बाजार के लेनदेन अपने पीआईएस नामित खाते के माध्यम से करना अनिवार्य है अर्थात सेकंडरी बाजार के शेयरों की सभी खरीद/बिक्री के लिए पीआईएस नामित खाता ही नामे/जमा किया जाना चाहिए.
 
19. क्या अनिवासी भारतीय उसी निपटान साइकिल के भीतर खरीदे गए शेयर/परिवर्तनीय डिबेंचर बेच सकता है ?
  नहीं, अनिवासी भारतीय खरीदे गए शेयरों/ परिवर्तनीय डिबेंचरों की सुपुर्दगी लिये बिना उन्हें बेच नहीं सकता. पीआईएस के अंतर्गत मंदड़िया बिक्री की अनुमति नहीं है.
 
20. यदि खरीदे गए शेयर/परिवर्तनीय डिबेंचर निर्धारित सीमा, यदि कोई है से अधिक हैं तो अनिवासी भारतीय अपनी स्थिति को कैसे सही कर सकता है ?
  अनिवासी भारतीय को ऐसी धारिता के उस हिस्से को जो निर्धारित सीमा से अधिक है, बेचना होगा.
 
21. क्या अनिवासी भारतीय को शेयर/डिबेंचर अर्जित करने अथवा बेचने के लिए रिज़र्व बैंक के पास रिपोर्ट दर्ज करनी होगी ?
  अनिवासी भारतीय को किसी भारतीय कंपनी के गए शेयरों और /या डिबेंचरों की खरीद/ बिक्री के संबंध में रिज़र्व बैंक के पास कोई विवरणी या रिपोर्ट दर्ज करने की जरूरत नहीं है. केवल नामित बैंक शाखा के लिंक कार्यालय को पोर्टफोलियो निवेश योजना के लेनदेनों पर दैनिक आधार पर रिज़र्व बैंक को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ती है.
 
22. क्या प्रत्यावर्तनीय और गैर प्रत्यावर्तनीय श्रेणी के अंतर्गत खरीदी गयी प्रतिभूतियों को एक डिमैट खाते में धारित किया जा सकता है ?
  नहीं, अनिवासी भारतीय को प्रत्यावर्तनीय और गैर प्रत्यावर्तनीय प्रतिभूतियों की धारिता के लिए अलग-अलग डिमैट खाते खोलने होंगे.
 
23. क्या अनिवासी भारतीय डिपॉजिटरी खाते में नामांकन कर सकता है या नामित हो सकता है ? क्या ऐसे नामित भारत के निवासी व्यक्ति हो सकते हैं ?
  हाँ.
 
24. क्या इसके लिए कोई कर देयता है ?
  बिक्री आय, लागू कर की कटौती के बाद जमा की जा सकती है.
 
25. अनिवासी भारतीयों द्वारा धारिताओं की बिक्री से होनेवाली पूंजीगत आय पर “स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस)” क्या है ?
  भारतीय कर कानून के अनुसार बिक्री लेनदेनों से मिलनेवाले सभी पूंजीगत लाभों पर कर लगता है. अनिवासी भारतीयों के बारे में बिक्री लेनदेनों से होनेवाले सभी पूंजीगत लाभ संबंधित बैंक शाखा द्वारा उनके एनआरई/एनआरओ खाते में बिक्री आय जमा करते समय स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) के अधीन है. तदनुसार संबंधित बैंक कर देयता निर्धारित करेगी और स्रोत पर कर की कटौती की जाएगी. संबंधित बैंक जिसने स्रोत पर कर की कटौती की है, इस संबंध में प्रमाणपत्र जारी करेगी.
 
26. यदि कोई व्यक्ति जो भारत का निवासी है वह अनिवासी बन जाता है, तो क्या उसे अपनी धारिता में इस हैसियत को निवासी से अनिवासी में बदलना होगा ?
  फेमा की धारा 6(5) के अनुसार अनिवासी भारतीय अपनी प्रतिभूतियां जो उसने निवासी भारतीय के रूप में खरीदी हैं, अनिवासी भारतीय बनने के बाद भी गैर प्रत्यावर्तित आधार पर उनकी धारिता जारी रख सकता है.
 
27. यदि एक अनिवासी भारतीय भारत का निवासी बन जाता है तो क्या उसे अपनी धारिता में इस हैसियत को अनिवासी से निवासी में बदलना होगा ?
  हाँ. एक अनिवासी भारतीय की यह ज़िम्मेदारी है कि वह अपनी हैसियत में हुए इस परिवर्तन की सूचना नामित प्राधिकृत डीलर शाखा को दे, जिसके जरिए निवेशक ने पोर्टफोलियो निवेश योजना में निवेश किये हैं और डिपॉजिटरी पॉटिसिपेंट (डीपी) को जिसके पास उसने डिमैट खाता खोला है. कालानंतर में उनकी निवासी हैसियत से एक नया डिमैट खाता खोलना होगा और एनआरआई डिमैट खाते की प्रतिभूतियों को निवासी खाते में अंतरित करने के बाद एनआरआई डिमैट खाता बंद करना होगा.
 
28. क्या निवासी भारतीय उत्तराधिकार में शेयर प्राप्त कर सकते हैं ?
  हाँ, एनआरआई उत्तराधिकार में शेयर पा सकते हैं. इसके लिए रिजर्व बैंक की अनुमति नहीं चाहिए शेयर गैर प्रत्यावर्तनीय आधार पर धारित किये जाएंगे.
 
29. निवासी भारतीय द्वारा अनिवासी भारतीय बनने पर प्राथमिक/गौण बाजार में खरीदे गए शेयरों की स्थिति क्या होगी ?
  प्राथमिक/गौण बाजार में निवासी भारतीय के रूप में खरीदे गए शेयर उनके अनिवासी भारतीय बन जाने पर गैर प्रत्यावर्तित आधार पर धारित किए जाएंगे. ये शेयरे एनआरओ डिमैट खाते में जमा किये जा सकते हैं. ये शेयर पोर्टफोलियो निवेश योजना की अनुमति के बगैर गौण बाजार में बेचे जा सकते हैं. पूंजीगत लाभ कर की अदायगी के बाद इनकी बिक्री आय एनआरओ बचत खाते में जमा की जा सकती है.
होम | शीर्ष
प्रभार अनुसूची : देशी ब्याज दरें : एनआरआई ब्याज दर
दावा अस्वीकरण : वेब मास्टर : साइट मैप : रिज़र्व बैंक : आरटीजीएस : एफएक्यू up Arrow Icon नीतियां : प्रायवेसी : हायपरलिंक : कॉपीराइट : स्क्रीन रीडर एक्सेस