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अस्थिर दर सावधि जमा  - अस्थिर दर मीयादी जमा अभी आवेदन करे

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अस्थिर दर सावधि जमा - अस्थिर दर मीयादी जमा

 

अस्थिर दर सावधि जमा (एफआरटीडी), जैसा की नाम विदित है, सावधि जमा के भिन्न रूप हैं जहां जमाराशियों की संपूर्ण अवधि तक के लिए ब्याज-दर नियत नहीं की जाती बल्कि यह संदर्भ दर के साथ आगे-पीछे चलती  रहती है,जिसे समय-समय पर पुनर्निर्धारित किया जाता है. इस जमा से आप सावधि जमाराशि को बिना बंद किए और फिर से उसकी बुकिंग किए बिना बदलती हुई ब्याज दरों का लाभ उठा सकते हैं. इस प्रकार से एफआरटीडी वित्तीय रूप से साक्षर  निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक  है जो भविष्य की ब्याज दर/ मुद्रा स्फीति की दिशा देखते हुए निर्णय लेने के विरुद्ध नहीं है. प्रस्तावित दरों को हर पखवाड़े नीलाम की जाने वाली ट्रेज़री बिल दरें जिन्हें रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाता है के अनुरूप तथा मार्क-अप के साथ हर कैलेंडर वर्ष में एक बार पुनर्निर्धारित किया जाता है.

योजना की प्रमुख विशेषताएँ निम्नानुसार है :-

ब्याज भुगतान - जमाराशियों पर ब्याज हर तिमाही की आखिरी तारीख को देय होगा.

ब्याज का पुनर्निर्धारण - कैलेंडर तिमाही के साथ मिलाते हुए हर 3 महीने में - 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्तूबर, और 1 जनवरी प्रति वर्ष .

नकदी उपलब्धता - मीयादी जमा पर ऋण /ओवरड्राफ्ट लिया जा सकता है. शाखा प्रबंधक के विवेक पर, एफआरटीडी राशि के 90% तक ओवरड्राफ्ट / ऋण दिया जा सकता है. ऋण/ ओवरड्राफ्ट जमाराशि पर दी जानेवाली ब्याज दर से 2.0% वार्षिक की उच्चतर दर पर दिया जाएगा, जिसमें नियत दर वाले जमा के लिए लागू अधिकारों के प्रत्यायोजन (डीओपी) के अनुसार 1.0% की कमी की जा सकती है.  

नामांकन की सुविधा - नामांकन की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है.

अवयस्क खाता - चूंकि एफआरटीडी खोलते समय परिपक्वता राशि का निर्धारण नहीं किया जा सकता, अतः अवयस्क अकेले एफआरटीडी नहीं खोल सकता. अवयस्क का खाता केवल उसके संरक्षक के साथ ही संयुक्त रूप से खोला जा सकता है.

स्वतः नवीनीकरण - केवल 1 वर्ष से अधिक की अवधि वाली जमाराशियों के लिए स्वत: नवीनीकरण का विकल्प होगा. जमाराशियों का नवीनीकरण स्वतः उसी अवधि के लिए परिपक्वता के साथ लागू एफआरटीडी की प्रचलित दरों पर किया जाएगा. जहां नवीनीकरण के लिए स्थायी अनुदेश नहीं हैं वहां स्वतः नवीनीकरण किया जाता है.

स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) - यदि जमा राशि पर प्रदत्त / देय ब्याज प्रति वर्ष, प्रति ग्राहक, प्रति शाखा 10,000/- रुपये से अधिक हो तो टीडीएस लागू होगा.

समयपूर्व आहरण :


  • न्यूनतम लॉक-इन अवधि : एक वर्ष, एक वर्ष तक कोई समय पूर्व आहरण नहीं किया जा सकता.
  • एक वर्ष के बाद, समयपूर्व आहरण की स्थिति में, उससे पूर्ववर्ती तिमाही की औसत न्यूनतम दर जिस पर लागू पूर्ववर्ती अवधि की दर को मार्क-अप किया जाएगा, लागू होगी अर्थात् यदि जमाकर्ता 2 वर्ष के लिए जमा करता है और 1 वर्ष एवं 110 दिन के बाद उसे बंद करने का अनुरोध करता है तो उस स्थिति में बैंक के पास जमा रखे रहने की अंतिम तिमाही की पूर्व तिमाही की औसत न्यूनतम दर (संबंधित तिमाही के लिए) लागू होगी तथा उस पर 1 वर्ष का मार्क-अप होगा.
  • ब्याज की गणना नियत दर पर मीयादी जमा के लिए वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार की जाएगी.


वरिष्ठ नागरिक - वरिष्ठ नागरिकों को लागू एफआरटीडी दर से 50 आधार बिंदु अधिक ब्याज दिया जाएगा.



आईडीबीआई बैंक अस्थिर दर मीयादी जमा योजना की प्रमुख विशेषताएँ

खाता कौन खोल सकते हैं- कोई भी एकल व्यक्ति या संयुक्त रूप में अवयस्क  (स्वयं  या अपने संरक्षक के माध्यम से), हिंदू अविभक्त परिवार (एचयूएफ) का कर्ता.

न्यूनतम एवं अधिकतम राशि- - केवल 10,000/- रुपये तथा इसके बाद 1,000/- रुपये के गुणकों में. अधिकतम राशि : 1 करोड़ रुपये से कम.

संयुक्त खाते - दो व्यक्ति मिलकर निम्नरूप में संयुक्त खाता खोल सकते हैं:


  • दोनों में से कोई एक या उत्तरजीवी*
  • पूर्ववर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी, परवर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी,
  • दोनों या उत्तरजीवी **,
  • दोनों संयुक्त रूप से.


यदि दो से अधिक आवेदक हैं, तो



  • सभी या उत्तरजीवी या अंतिम उत्तरजीवी.
  • कोई एक या उनसे अधिक या उत्तरजीवी या अंतिम उत्तरजीवी.
  • कोई विशिष्ट व्यक्ति अपने जीवनकाल के दौरान या उत्तरजीवी संयुक्त रूप से या अंतिम उत्तरजीवी.

* दोनों में से कोई एक या उत्तरजीवी – इसका अर्थ यह है कि दोनों में से कोई एक जमाकर्ता खाते का परिचालन कर सकता है, और किसी एक जमाकर्ता की मृत्यु के बाद उत्तरजीवी खाते का परिचालन कर सकता है.

**उत्तरजीवी अर्थात् वह व्यक्ति जो अन्य खाताधारक की मृत्यु के बाद जीवित रहे.

जमाराशि की अवधि - जमाराशियाँ निम्न अवधि के लिए स्वीकार की जाएंगी :



  • 1 वर्ष
  • 2 वर्ष
  • 3 वर्ष
  • 5 वर्ष
  • 7 वर्ष
  • 10 वर्ष
  • > 10 – 20 वर्ष ***
***अस्थिर दर सावधि जमा (एफआरटीडी) योजना के अंतर्गत रिटेल जमा हेतु 10 वर्ष से अधिक से 20 वर्ष तक की परिपक्वता बकेट (असंचयी) भी स्वीकार की जा सकती है.

ब्याज दर (आधार)- भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पिछले ठीक तीन महीने के दौरान नीलाम किए गए 364 दिनों के ट्रेज़री बिलों के औसत को आधार दर निर्धारित किया जाता है. इसे प्रत्येक कैलेंडर तिमाही में पुनर्निर्धारित किया जाता है.


उदाहरणार्थ 1 अप्रैल से 30 जून 2012 के दौरान 364 दिन के ट्रेज़री बिल की नीलामी का औसत प्रतिफल 8.19% था. 1 जुलाई से 30 सितंबर 2012 के दौरान जुटायी गई एफआरटीडी पर अवधि के आधार पर ब्याज निम्नानुसार निर्धारित किया जाएगा:


अवधि

आधार दर पर मार्क-अप

01 जुलाई 2013 से 30 सितम्बर
2013 की अवधि के लिए प्रभावी
दर

1 वर्ष

1.00

8.46

2 वर्ष

1.10

8.56

3 वर्ष

1.25

8.71

5 वर्ष

1.25

8.71

7 वर्ष

1.35

8.81

10 वर्ष

1.40

8.86

> 10 – 20 वर्ष

1.40

8.86


अन्य सभी शर्तें नियमित मीयादी जमा योजना के अनुरूप होंगी.

डिस्क्लेमर मार्क – अप को बैंक के विवेकानुसार संशोधित किया जाएगा. संशोधित मार्क – अप केवल नए और मौजूदा जमाओं के नवीकरण के लिए लागू होगा.



आवेदन कैसे करें?

अस्थिर दर मीयादी जमा के लिए आवेदन करना बिल्कुल आसान है.सिर्फ फोन बैंकिंग नंबर पर कॉल करें या अपनी नजदीकी शाखा में जाएं. हमारे प्रतिनिधि आपसे यथाशीघ्र संपर्क करेंगे.

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