डीलर एक महत्वपूर्ण चैनल पार्टनर हैं, क्योंकि उनके माध्यम से अधिकांश विनिर्माता अपने कारोबार का एक बहुत बड़ा हिस्सा संचालित करते हैं. आईडीबीआई बैंक का "डीलर वित्त कार्यक्रम" इस प्रकार तैयार किया गया है कि डीलर को विभिन्न सुविधाएं देते हुए नकदी उपलब्धता की स्थिति बेहतर कर समग्र कारोबार परिवेश में सुधार हो सके.
क्र.सं.
क्षेत्र
विषयवस्तु
1
पात्र क्षेत्र
डीलरों, स्टॉकिस्टों, डिस्ट्रीब्यूटरों आदि सहित वितरण चैन साझेदार
2
सुविधा
ओवरड्राफ्ट, कैश क्रेडिट, मीयादी ऋण.
बिल भुनाई सरीखी अन्य कार्यशील पूँजी सुविधाएं.
गैर-निधि आधारित सुविधाएं : एलसी / बीजी.
3
उद्देश्य
ओडी / सीसी : कार्यशील पूँजी
मीयादी ऋण (टीएल) : अचल आस्तियों का अभिग्रहण, परिसर का नवीकरण आदि.
4
ऋण राशि
न्यूनतम : 10 लाख रुपये
अधिकतम : 500 लाख रुपये
5
मार्जिन
3 से 7 वर्ष
6
अवधि
ओडी / सीसी : एक वर्ष
मीयादी ऋण (टीएल ) : ब्याज पुनर्निर्धारण की शर्त के साथ 5 वर्ष तक.
प्रत्येक मामले के आधार पर अन्य कार्यशील पूँजी सुविधाएं.
7
प्रतिभूति
बैंक वित्त से सृजित आस्तियों पर संपूर्ण प्रथम प्रभार.
एकल स्वामी / साझेदारों की वैयक्तिक गारंटी (पीजी)
संपार्श्विक प्रतिभूति : अचल संपत्ति / अर्थसुलभ प्रतिभूति के रूप में.
8
मूल्य निर्धारण
स्कोरिंग मॉडल के अनुसार बीपीएलआर से संबद्ध
9
प्रक्रिया शुल्क
प्रथम मूल्यांकन के लिए 1% तथा नवीकरण के समय 0.50% प्रभार