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होम >इलेक्ट्रोनिक- बीमा खाता > पूंजी बाज़ार – इलेक्ट्रॉनिक बीमा खाता

पूंजी बाज़ार – इलेक्ट्रॉनिक बीमा खाता

 

  • बीमा रिपोजिटरी क्या है?
  • ‘बीमा रिपोजिटरी’ से आशय कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) के तहत विरचित एवं पंजीकृत ऐसी कंपनी से है जिसे बीमाकर्ताओं की ओर से पॉलिसी की अवधि के दौरान लेनदेनों के इतिवृत्त सहित बीमा पॉलिसियों के आंकड़े इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में रखने के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा इन दिशानिर्देशों के अंतर्गत पंजीयन प्रमाणपत्र मंजूर किया गया है.


  • बीमा रिपोजिटरी का उद्देश्य क्या है?
  • बीमा रिपोजिटरी सृजित करने का उद्देश्य पॉलिसीधारकों को बीमा पॉलिसियाँ इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में रखने की सुविधा प्रदान करना तथा बीमा पॉलिसी में शीघ्रतापूर्वक और शुद्धता के साथ परिवर्तन, उपांतरण तथा पुनरीक्षण करना है ताकि बीमा पॉलिसियों के जारी करने व उनके रखरखाव में दक्षता, पारदर्शिता व लागत में कमी लाई जा सके.


  • ईआईए खाता क्या होता है?
  • ईआईए से आशय ई बीमा खाते अर्थात ‘इलेक्ट्रॉनिक बीमा खाते’ से है जो पॉलिसीधारक के बीमा पॉलिसी संबंधी दस्तावेज़ की इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में सुरक्षा करेगा. इस ईआईए खाते से पॉलिसीधारक इन्टरनेट के माध्यम से महज एक बटन क्लिक कर अपने सम्पूर्ण बीमा पोर्टफोलियो तक पहुँच सकेगा.


  • किसी पॉलिसी धारक को ईआईए (ई-बीमा खाता) क्यों खोलना चाहिए?
  • कोई भी मौजूदा या भावी पॉलिसीधारक ई बीमा खाता खोल सकता है. ईआईए ऐसे सभी पॉलिसीधारकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगा, जो पॉलिसियों के इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी करवाने का विकल्प देंगे. जब भी पॉलिसी धारक कोई नई पॉलिसी खोलेंगे, उन्हें हर बार केवाईसी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. आईडीबीआई आईआर प्रत्येक पॉलिसीधारक को ई बीमा खाता उपलब्ध कराएगा और उनकी सभी पॉलिसियाँ एक ईआईए के तहत आ जाएंगी. यह जीवन, स्वास्थ्य, मोटर व बीमा रक्षा सहित सभी पॉलिसियाँ रखेगा तथा कागज-रहित पॉलिसियाँ कागजयुक्त पॉलिसियों की तुलना में ज़्यादा अर्थसुलभ होंगी क्योंकि इन संविदाओं को आसानी से समनुदेशित किया जा सकता है. ई बीमा खाता रखने से क्रेताओं की झंझट कम होगी. पॉलिसीधारक वित्तीय या गैर-वित्तीय परिवर्तन/ पृष्ठांकन एकल ई बीमा खाते के अंतर्गत कर सकेंगे.


  • क्या मुझे ई बीमा खाता खोलने के लिए भुगतान करना पड़ेगा?
  • बिलकुल नहीं. प्रत्येक पॉलिसीधारक के लिए ई बीमा खाता खोलना निःशुल्क उपलब्ध होगा.


  • क्या कोई व्यक्ति या पॉलिसीधारक किसी बीमा रिपोज़िटरी के पास एक से अधिक ई-बीमा खाता खोल सकता है?
  • जी नहीं. कोई भी व्यक्ति या पॉलिसीधारक, चाहे वह प्रस्तावित हो या मौजूदा, सभी बीमा रिपोज़िटरों के यहाँ मिलकर मात्र एक ईआईए खाता खोल सकता है. आईआरडीएआई दिशानिर्देशों के अनुसार वह दूसरे बीमा रिपोज़िटरों के यहाँ भी एक से ज़्यादा खाते नहीं खोल सकता है.


  • अनुमोदित व्यक्ति (एपी) कौन है?
  • अनुमोदित व्यक्ति से आशय बीमा रिपोज़िटरी द्वारा नियुक्त बिक्री केंद्र (पीओएस) से है, जो आईआर सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए बीमा रिपोज़िटरी की ओर से काम करेगा.


  • ईआईए आवेदन फॉर्म क्या है?
  • ईआईए आवेदन फॉर्म किसी पॉलिसीधारक द्वारा बीमा रिपोज़िटरी के पास ई बीमा खाता खोलने के लिए किया गया आवेदन है. यह फॉर्म बीमा कंपनी, बीमा रिपोज़िटरी शाखा या अनुमोदित व्यक्ति के पास उपलब्ध होगा. यह फॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगा. पॉलिसीधारक इसका प्रिंट लेकर, इसे भरकर यहाँ उल्लिखित सूची में दर्शाए अनुसार वैध केवाईसी दस्तावेजों के साथ उपर्युक्त में से किसी के भी पास जमा कर दें.


  • ईआईए खाता खोलने के लिए बुनियादी आवश्यकता क्या है?
  • ईआईए धारक या पॉलिसीधारक को ईआईए फॉर्म भरकर फोटो आईडी तथा पते के प्रमाण के साथ किसी भी बीमा रिपोज़िटरी शाखा के नजदीकी कार्यालय में अथवा उस बीमा कंपनी के पास जमा कराना होगा, जहां पॉलिसीधारक की बीमा पॉलिसियाँ हैं.


  • क्या मैं अपने नाम पर कोई भी जीवन या गैर जीवन बीमा पॉलिसी न होने पर भी ईआईए खाता खोल सकता हूँ?
  • जी हाँ. जिस व्यक्ति की कोई पॉलिसी नहीं है, वह भी ईआईए खाता खोलकर बाद में अपने नाम पर पॉलिसी ले सकता है. पॉलिसी लेने के बाद पॉलिसीधारक को अपने बीमाकर्ता से या जिस बीमा रिपोज़िटरी के पास ईआईए खाता खोला है, उनसे अपनी पॉलिसी को कागजरहित करवाने का अनुरोध करना पड़ेगा.


  • सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूरे होने के बाद ईआईए खाता खोलने के लिए कितने दिन लगते हैं ?
  • आपका ईआईए खाता 07 कार्य दिवस के भीतर खुल जाएगा और आप स्वागत किट मिल जाएगी, जिसमें आपके ई-बीमा खाते को लॉग इन करने के लिए यूजर नेम और पासवर्ड रहेगा।


ईआईए बनाने के लिए क्या क्या वैध दस्तावेज़ जमा करने चाहिए?

  • नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो
  • निरस्त चेक (बीमा प्रीमियम भुगतान लेन देन के लिए ईसीएस/नेफ्ट सेवा के लिए)
  • अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) दस्तावेजों की सूची
  • पहचान का प्रमाण (कोई एक)
  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • पते का प्रमाण (कोई एक)
  • पंजीकृत पट्टा और लाइसेन्स अनुबंध / विक्रय के लिए अनुबंध
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र
  • बैंक पासबबुक (6 महीने से अधिक पुरानी नहीं)
  • बिजली बिल (6 महीने से अधिक पुराना नहीं)
  • आवासीय टेलीफ़ोन बिल (6 महीने से अधिक पुराना नहीं)
  • उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का अपने खातों के संबंध में नया पता देते हुए स्वयं द्वारा घोषणा पत्र
  • केंद्र/राज्य सरकार और उनके विभागों द्वारा जारी किया गया पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • संवैधानिक/विनियामक प्राधिकरण द्वारा जारी पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • अनुसूचित व्यावसायिक बैंक द्वारा जारी पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं द्वारा जारी पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज द्वारा जारी पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • जैसे आईसीएआई, आईसीडब्ल्यूएआई, बार काउंसिल जैसी पेशेवर संस्थाओं द्वारा अपने सदस्यों को जारी पते सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • जन्म प्रमाण पत्र (कोई एक)
  • पैन कार्ड
  • आवास प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र
  • नगर निगम जन्म प्रमाण पत्र
  • नोटरीकृत जन्म प्रमाण पत्र
  • बप्तिस्मा प्रमाण पत्र
  • गिरिजाघर द्वारा जारी किया गया विवाह प्रमाण पत्र
  • केंद्र/राज्य सरकार और उनके विभागों द्वारा जारी किया गया पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • ग्राम पंचायत प्रमाण पत्र
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़
  • पूर्व – सैनिक कार्ड सहित रक्षा कर्मी को जारी पहचान पत्र/कमान अधिकारी द्वारा मुहर और हस्ताक्षर के साथ जारी प्रमाण पत्र
  • पता सहित पहचान पत्र/दस्तावेज़, विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज
  • केंद्र सरकार के कर्मचारियों/परिवार सदस्य/आश्रितों के लिए उनका स्वास्थ्य योजना प्रमाण पत्र
  • सरकारी सेवा रजिस्टर अवतरण/सरकार द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किया गया प्रमाण पत्र
  • नियोक्ता का पीएफ विवरण
  • इएसआईएस कार्ड (कर्मचारी राज्य बीमा योजना)
  • सरकारी, अर्ध सरकारी, बहुराष्ट्रीय कंपनी, सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी, प्रसिद्ध निजी कंपनी, संस्था आदि नियोक्ता द्वारा जारी प्रमाण पत्र। प्रमाण पत्र सरनामा पर होना चाहिए और प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता द्वारा विधिवत हस्ताक्षरकृत और मुहर लगा हुआ होना चाहिए।
  • शिक्षा बोर्ड (10वीं और 12वीं) द्वारा दिया गया प्रमाणित स्कूल/कॉलेज स्कूल सहित/कॉलेज छोडने का प्रमाण पत्र/डिग्री प्रमाण पत्र/मार्क शीट या हाल टिकिट या प्रवेश पत्र जिस पर जन्म तिथि हो।
  • अन्य निजी बीमाकर्ता का पॉलिसी दस्तावेज़
  • एलआईसी पॉलिसी
  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के निवासियों के लिए द्वीपवासी कार्ड
  • हज तीर्थ यात्रा के लिए जारी तीर्थयात्रा पास

प्राधिकृत प्रतिनिधि कौन है?

प्राधिकृत प्रतिनिधि वह व्यक्ति है जिसे इआईए खोलने के समय इआईए धारक या पॉलिसी धारक द्वारा नियुक्त किया गया हो, जो उनका इआईए खाता इआईए धारक या पॉलिसी धारक की दुर्भाग्यवश मृत्यु या खाता संचालित करने की असमर्थता की स्थिति में संचालित करेगा। एक खाता धारक या इआईए धारक अपने प्राधिकृत प्रतिनिधि को ई-बीमा संचालित करने लिए अधिकृत कर सकता है, जो बीमा रेपोजिटोरी को पॉलिसी धारक की मृत्यु के बारे में वैध प्रमाण के साथ सूचित करेगा और यदि कोई दावा हो तो उसकी अदायगी के बाद खाता बंद करने के लिए आवेदन करेगा।


मैं अपने ई-बीमा खाता में कौन-कौन सी जानकारियाँ पा सकता हूँ?

इआईए धारक या पॉलिसी धारक अपने इआईए खाते में अपना वैध पॉलिसी बॉण्ड कागजरहित रूप में ले सकता है। वह एकल इआईए खाते के अंतर्गत अपने पॉलिसी से संबंधित व्यौरों को ऑनलाइन देख सकता है।


  • खाते धारक और बीमाकर्ता के लिए बीमा रेपोजिटोरी का समग्र लाभ क्या है?
  • पॉलिसी सेवाएँ
  • संपर्क विवरण का अद्यतन हेतु एकल आवेदन
  • सभी बीमाकर्ताओं के लिए प्रीमियम अलर्ट और भुगतान
  • केंद्रों की बढ़ती हुई संख्या
  • प्रीमियम भुगतान और अदायगी बैंक खाता विवरण पंजीयन में आसानी
  • सरलता
  • एकल अपने ग्राहक को जानें का एकबार में अद्यतन
  • इलेक्ट्रानिक प्रारूप में पॉलिसी का संचयन
  • केवल एक ई-बीमा खाते के अंतर्गत सभी बीमा पॉलीसियां
  • वार्षिक आधार पर समेकित बीमा विवरण
  • दावे
  • इआईए खाते धारक की मृत्यु की स्थिति में एक प्राधिकृत व्यक्ति का सभी पॉलिसियों को एकबार मंं देख सकना
  • एकल दावा सूचना

क्या ‘’नामिती’’ और ‘’प्राधिकृत प्रतिनिधि’’ एक ही व्यक्ति हो सकता है?


    हाँ, नामिती और प्राधिकृत प्रतिनिधि दोनों एक ही व्यक्ति हो सकता है।

  • ई-बीमा खाते धारक की मृत्यु होने के बाद तथा और सभी बीमा दावों को निपटाने के बाद, प्राधिकृत प्रतिनिधि को बीमा रिपाजिटोरी से ई-बीमा खाता बंद करने के लिए आवेदन करना चाहिए।

ई-बीमा खाता धारक निम्नलिखित दस्तावेज़ हार्ड प्रति या मुद्रित प्रारूप प्राप्त में करेगा

ई-बीमा खाता धारक निम्नलिखित दस्तावेज़ हार्ड प्रति या मुद्रित प्रारूप प्राप्त में करेगा:


  • ई-बीमा खाते की जानकारियों के साथ स्वागत किट और इसके संचालन की कार्य प्रणाली, लॉग इन आई डी
  • पासवर्ड के साथ एक पिन मेलर
  • जब भी अतिरिक्त बीमा पॉलिसी ली जाए या पॉलिसी परिपक्क हो जाए/सुपुर्द की जाए/खतम हो जाए तब सभी पॉलीसियों के खाते का विवरण दिया जाता है
  • जब भी नयी पॉलिसी जारी की जाती है, तब बीमाकर्ता कथित पते पर बीमा पॉलिसी की मूलभूत जानकारियों सहित बीमा सूचना पत्र भेजेगा।

क्या बीमा रिपोज़िटरी बदलना संभव है?

हाँ, बीमा खाता धारक के पास एक बीमा रिपोज़िटरी को दूसरे से बदलने का विकल्प होगा। तब सभी पॉलिसी विवरण और लेन-देन नए बीमा रिपोज़िटरी में स्थानांतरित हो जाएंगे।


क्या बीमा रिपोज़िटरी प्रणाली का विकल्प छोड़ना संभव है?

हाँ, इसके पॉलिसी धारक को बीमाकर्ता से आवेदन करना होगा और उसके सभी औपचारिकताओं के पूरी होने के बाद, पॉलिसी दस्तावेज हार्ड प्रति या मुद्रित प्रारूप में उपलब्ध कराया जाएगा।


बीमा पॉलीसियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के क्या फायदे हैं?

एकल ई-बीमा खाते (ई-आइए) के अंतर्गत बीमा पॉलीसियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के कई फायदे हैं। उदाहरणार्थ :

  • सुरक्षा: पॉलिसी के क्षतिग्रस्त होने या खोने का कोई जोखिम नहीं होता जैसा की कागजी पॉलिसी में हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक रूप यह सुनिश्चित करता है कि पॉलीसियाँ सुरक्षित कस्टडी में है और जब भी जरूरत हो इन्हें आसानी से देखा जा सकता है।
  • सुविधा : सभी बीमा पॉलीसियाँ चाहे वो जीवन, पेंशन, स्वास्थ्य या सामान्य हों, एकल ई-आइए के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखी जा सकती हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि पॉलीसियों की सभी जानकारियाँ एकल खाते (जगह) में उपलब्ध होंगी। किसी भी पॉलिसी की जानकारियाँ किसी भी वक्त बीमा रिपोज़िटरी के ऑनलाइन पोर्टल में लॉग इन करके देखी जा सकता है। सभी पॉलीसियों की प्रीमियम ऑनलाइन द्वारा की जा सकता है और इस वेबसाइट पर विभिन्न सेवा अनुरोध और शिकायत दर्ज़ की जा सकती हैं।
  • एकल सेवा केंद्र : ई-आइए या इसके के अंतर्गत किसी भी पॉलिसी से संबंधित सभी सेवा अनुरोध किसी भी बीमा रिपोज़िटरी सेवा केंद्र को जमा किया जा सकता है - सेवा के लिए किसी भी बीमा कंपनी के कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं है।
  • कम कागजी कार्य: जब आप मौजूदा ई-आइए के अंतर्गत एक नयी इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसी खरीदना चाहते हैं और यदि आपके ई-आइए में दर्ज़ अपने ग्राहक को जानें के विवरण में कोई बदलाव नहीं है, तब आपको फिर से अपने ग्राहक को जानने की जाँच पड़ताल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसके अलावा यदि आप अपनी निजी जानकारियाँ जैसे पता या संपर्क नंबर में बदलाव चाहते हैं तब अपने बीमा रिपोज़िटरी के ई-आइए में एक अनुरोध पत्र जमा करके बदलाव करना पर्याप्त होगा। इसके उपरांत बीमा रिपोज़िटरी सभी बीमा कंपनियों को जिसके साथ आपका इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसी है, बदलाव के बारे में सूचित करेगा।

मुझे अपने ई-आइए में इलेक्ट्रॉनिक पॉलीसियों को बनाए रखने के लिए कितना भुगतान करना पड़ेगा? मेरी मौजूदा कागजी पॉलीसियों को इलेक्ट्रॉनिक पॉलीसियों में बदलने के लिए कितना शुल्क है?

बीमा रिपोजिटरियों द्वारा पॉलिसी धारक को मुहैया कराई गयी सभी सेवाएं बिल्कुल निःशुल्क हैं। बीमा धारकों को इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी खरीदने या मौजूदा कागजी पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने के लिए अलग से कुछ भी भुगतान करने की जरूरत नहीं है। इसी तरह से उन्हें बीमा रिपोज़िटरी से ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान और संबंधित ऑनलाइन पोर्टल की सेवाएं सहित कोई भी सेवा पाने के लिए, किसी भी प्रकार का भुगतान करने की जरूरत नहीं है।


पॉलिसी या ई-आइए में कोई परिवर्तन करना हो तो मुझे क्या करना चाहिए? क्या मुझे बीमा कंपनी या बीमा रिपोज़िटरी के पास अनुरोध पत्र जमा करना होगा?

अच्छा तो यह होगा कि अपने ई-आइए या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी से संबंधित सभी अनुरोध पत्र बीमा रिपोज़िटरी को ही जमा जमा किए जाएँ। यदि परिवर्तन खाते के संबंध में हो (जैसे पता या दूरभाष संख्या) तब बीमा रिपोज़िटरी अपने ग्राहक को जानें सत्यापन, यदि आवश्यक हो तो, करने के बाद कार्रवाई करेगा। इसके बाद बीमा रिपोज़िटरी उन सभी बीमा कंपनियों के, जिनकी पॉलिसियाँ इस ई-आइए के अंतर्गत हैं, को परिवर्तन के बारे में सूचित करेगा, ताकि सभी पॉलिसियाँ में एक साथ परिवर्तन हो सके (ताकि पॉलिसी ग्राहक को बिभिन्न बीमा कंपनियों को परिवर्तन के बारे में अलग से बताना नहीं पड़े)। पॉलिसी स्तर पर किसी परिवर्तन के मामले में, बीमा रिपोज़िटरी से अपेक्षा की जाती है कि वह संबंधित बीमा कंपनी को अनुरोध अग्रेषित करे और यह सुनिश्चित करे कि इस पर कार्रवाई हो गयी है तथा बीमा रिपोज़िटरी के पास रखी इलेक्ट्रानिक पॉलिसी में यह दिख रही है।


मैं अपने मौजूदा कागजी पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में कैसे बदलूँ?

ई-आइए खोलते समय, आपको सिर्फ बीमाकर्ता को संबोधित करते हुए, अपनी मौजूदा कागजी पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने का एक अनुरोध लिखना है। पॉलिसी बदलने के लिए अनुरोध प्रपत्र संबंधित बीमा रिपोज़िटरी के सभी कार्यालयों में उपलब्ध है। आप संबंधित वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आपको जिस जिस पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलना है उन सबके लिए अलग से अनुरोध पत्र भरने होंगे। विधिवत हस्ताक्षरकृत अनुरोध पत्र संबंधित बीमा कंपनी या किसी भी बीमा रिपोज़िटरी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है। यदि आपके पास ई-आइए नहीं है तो आप कागजी पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने के अनुरोध पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक ई-आइए खोलने का प्रपत्र जमा कर सकते हैं।


क्या सभी बीमा कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी की पेशकश करें?

हाँ, यह पॉलिसी धारक का विशेषाधिकार है कि पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में चुने। यदि कोई पॉलिसी धारक अपनी पॉलिसी (नयी खरीदी हुई या मौजूदा) इलेक्ट्रॉनिक रूप में चाहता है तो बीमाकर्ता उनकी जरूरत को पूरा करने के लिए बाध्य है। ई-आइए खोलने के लिए रिपोज़िटरी का चुनाव करना पॉलिसी धारक का विशेषाधिकार है और अतः सभी बीमा कंपनियों को सभी बीमा रिपोज़िटरी के साथ काम करना पड़ेगा। शुरू में, रिपोज़िटरी सेवा सिर्फ जीवन बीमा के लिए उपलब्ध होगी, बाद में, स्वास्थ्य और सामान्य बीमा भी रिपोज़िटरी सेवा के सीमा में लाया जाएगा।


क्या कोई पॉलिसी धारक कागजी और इलेक्ट्रॉनिक दोनों पॉलिसियाँ रख सकता है?

पॉलिसी धारक जारी की गयी पॉलिसियाँ अपनी इच्छानुसार चुन सकते हैं- कागजी या इलेक्ट्रॉनिक कोई भी एक पॉलिसी किसी एक रूप में ही खरीदी या रखी जा सकती है- या तो कागजी रूप में या फिर इलेक्ट्रॉनिक रूप में, लेकिन दोनों में नहीं। तथापि, एक पॉलिसी धारक कुछ पॉलिसियाँ को इलेक्ट्रॉनिक रूप में और अन्य को कागजी रूप में रखने का चुनाव कर सकता है- सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसियाँ ही उसके ई-आइए खाते में दिखाई देंगी और वह सिर्फ ई-पॉलिसियों (और कागजी पॉलिसियों के लिए नहीं) के लिए ही रिपोज़िटरी सेवाओं का उपयोग कर सकेगा।


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